नई दिल्ली में कांग्रेस की एक अहम बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी ने पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगाई को लेकर पीएम मोदी की नीतियों पर तीखा हमला बोला. जनता की दिक्कतों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि ‘मोदी ने मरवा दिया’. सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस अब दो महीने का देशव्यापी जमीनी आंदोलन शुरू करेगी.
VISHNU AGARWAL/NEWS EDITOR/DAILY INDIATIMES DIGITAL NEWSPAPER

इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कांग्रेस के सभी महासचिव, राज्यों के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए थे. लेकिन इस पूरी बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक खास बयान की हो रही है. चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा, ‘मोदी ने मरवा दिया.’
भीषण गर्मी के बीच राजधानी दिल्ली के इंदिरा भवन में गुरुवार को सियासी हलचल बेहद तेज रही. कांग्रेस नेतृत्व ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी, जिसमें देशभर के पत्रकारों का भारी जमावड़ा देखने को मिला. इस बैठक का मुख्य एजेंडा नीट (NEET) परीक्षा विवाद, सीबीएसई, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और लगातार होते पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर मोदी सरकार के खिलाफ एक मजबूत चक्रव्यूह तैयार करना था
राहुल गांधी के इस बयान का असल मायनों में क्या मतलब है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक और सामाजिक नीतियों की खुलकर आलोचना की. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल ने बैठक में देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी से टूट चुका है. छात्र पेपर लीक की वजह से परेशान हैं, वहीं गलत विदेश नीतियों के कारण बढ़ती महंगाई ने गरीब और आम आदमी की कमर तोड़ दी है. अमेरिका के साथ हो रही ट्रेड डील को लेकर देश का किसान असमंजस और चिंता में है. इसके साथ ही संविधान को किनारे रखकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है.
इन्हीं सब परेशानियों और जनता की लाचारी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने आम बोलचाल के मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ‘मोदी ने मरवा दिया.’ दरअसल, इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी के फैसलों या भरोसे के कारण बड़ा नुकसान उठाना पड़े. राहुल गांधी ने नेताओं को याद दिलाया कि देश की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है.
कांग्रेस का बढ़ता आत्मविश्वास
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के साथ राहुल गांधी व सोनिया गांधी की मुलाकातें हुई हैं. इन मुलाकातों से विपक्षी एकजुटता को एक नई ताकत मिलती दिख रही है. राहुल गांधी ने पार्टी के नेताओं को संबोधित करते हुए साफ कहा कि कांग्रेस को अपने संगठन को और मजबूत-एक्टिव बनाना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे देश में सिर्फ कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी है, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आरएसएस (RSS) की विचारधारा का डटकर मुकाबला कर सकती है. राहुल ने नेताओं से कहा कि जनता के बीच जो गुस्सा है, उसे भांपते हुए हमें जमीनी स्तर पर लोगों से सीधा संपर्क साधना चाहिए.





