
परिवार के साथ वैष्णो देवी जाते समय लड्डू गोपाल को भी अपने साथ लेकर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए पहले कुछ बातों का जान लेना बहुत जरूरी है। आप यात्रा तक तो कान्हाजी को साथ ले जा पाएंगे पर मंदिर के अंदर उनके साथ प्रवेश नहीं कर पाएंगे। लेकिन लड्डू गोपाल को घर में अकेला छोड़ना भी सही नहीं माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि लड्डू गोपाल को वैष्णो देवी साथ ले जाना चाहिए या नहीं और साथ ही किन-किन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
जो लोग अपने घर में लड्डू गोपाल की सेवा करते हैं, वो वैष्णो देवी जाते समय उन्हें साथ ले जाना बेहतर समझते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि धर्मशास्त्रों में लड्डू गोपाल को घर में अकेला छोड़ना अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में काफी लोग किसी भी यात्रा के दौरान अपने साथ अपने कान्हा को जरूर लेकर जाते हैं। लेकिन क्या वैष्णो देवी की यात्रा और मंदिर पर लड्डू गोपाल को लेकर जाना चाहिए? अगर आपके मन में ऐसी उलझन हो रही है

वैष्णो देवी मंदिर लड्डू गोपाल को साथ ले जाएं या नहीं?पंडित राकेश झा बताते हैं कि तीर्थ स्थल पर लड्डू गोपाल को अपने साथ ले जाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए कुछ नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। लेकिन वैष्णो देवी मंदिर जाते समय कान्हाजी को अपने साथ नहीं लेकर जाना चाहिए। इसके पीछे का कारण है की वैष्णो देवी की यात्रा तक तो आप लड्डू गोपाल को बहुत ही आराम से लेकर जान सकते हैं। लेकिन आप जैसै ही देवी की गुफा तक पहुंचेंगे तो वहां पर लड्डू गोपाल को अंदर नहीं ले जा पाएंगे। क्योंकि, गुफा बहुत ही छोटी और संकरी होती है। ऐसे में गुफा में घुसने से पहले सभी सामान को बाहर रखवा दिया जाता है और प्रवेश करते समय कुछ भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं मिलती है। ऐसे में आपको लड्डू गोपाल को बाहर अकेला छोड़कर जाना पड़ेगा। यही कारण है कि वैष्णो देवी मंदिर जाएं तो लड्डू गोपाल को साथ नहीं ले जाना चाहिए।

लड्डू गोपाल को घर में न छोड़ें अकेला
अगर आप अपने पूरे परिवार के साथ वैष्णो देवी जाने की योजना बना रहे हैं, तो ऐसे में लड्डू गोपाल घर में अकेले रह जाएंगे। जिसे सही नहीं माना जाता है। पं. राकेश झा के अनुसार, ऐसी स्थिति में अपने लड्डू गोपाल को 1-2 दिन के लिए किसी भरोसेमंद व्यक्ति या रिश्तेदार को दे देना चाहिए। जो उनकी अच्छी तरह सेवा कर सके। वापस आने के बाद आप लड्डू गोपाल को अपने साथ घर लेकर आ सकते


यात्रा के दौरान ऐसे करें अपने कान्हाजी की सेवा
वैष्णो देवी यात्रा के दौरान लड्डू गोपाल साथ न हो पाने पर उनकी पूजा और सेवा मानसिक रूप से कर सकते हैं। शास्त्रों में मानसिक पूजा का अत्यधिक महत्व बताया गया है। ऐसे में अपने मन में पूरी श्रद्धा के साथ यह विचार करना चाहिए की आप लड्डू गोपाल को स्नान करा रहे हैं, उन्हें वस्त्र पहना रहे हैं और उनकी पूजा कर रहे हैं। साथ ही, मानसिक रूप से आप उन्हें मन ही मन समय-समय पर भोग लगा सकते हैं। जो लोग लड्डू गोपाल रखते हैं वे इस प्रकार वैष्णो देवी की यात्रा और दर्शन कर सकते हैं।





