Monsoon Bike Safety Tips: मानसून कुछ ही दिनों में आने वाला है। बारिश के मौसम में कई लोगों को बाइक चलाना पसंद होता है। लेकिन, इसके साथ बाइक का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी होता है। अगर मानसून के सीजन में बाइक का ध्यान न रखा जाए तो पानी में भीगने की वजह से बाइक के कई पार्ट्स जैसे कि ब्रेक्स और सस्पेंशन आदि खराब हो सकते हैं, जो आपकी सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकते हैं।

Monsoon Bike Maintenance: मानसून का मौसम शुरू होने वाला है और इस दौरान सड़कों पर पानी भरना, कीचड़, गड्ढे और कम विजिबिलिटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन दिक्कतों की वजह से आपकी मोटरसाइकल या स्कूटर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और दुर्घटना या खराबी का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बारिश शुरू होने से पहले अपनी बाइक की जांच कर लेना बेहद जरूरी है। आइए आपको बताते हैं कि मानसून शुरू होने से पहले आपको अपनी बाइक या स्कूटर में किन-किन चीजों को चेक कर लेना चाहिए।
टायर और ब्रेक्स की जांच
टायर्स – टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट (Ref) के मुताबिक चेक करें कि आपके टायर घिसे हुए न हों और उनमें पर्याप्त ग्रिप हो। साथ ही टायर में हवा का प्रेशर सही रखें और साइड में किसी भी तरह के कट या दरार की जांच करें।
ब्रेक्स – ब्रेक पैड, डिस्क और ब्रेक ऑयल के लेवल को चेक करें। अगर आपकी बाइक में ड्रम ब्रेक हैं, तो उन्हें सही तरीके से टाइट करवा लें। ब्रेक लगाने पर अगर कोई अजीब आवाज आए या ब्रेक ढीले लगें, तो तुरंत ठीक करवाएं।
लाइट्स – हेडलाइट, टेललाइट, ब्रेक लाइट और इंडिकेटर्स को चेक करें कि वे ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं।
इलेक्ट्रिकल पार्ट्स – आज की आधुनिक बाइक्स में बहुत सारे इलेक्ट्रॉनिक्स होते हैं। तारों और कनेक्टर्स को चेक करें कि वे कहीं से कटे न हों, ताकि पानी जाने पर शॉर्ट-सर्किट न हो।
सस्पेंशन और स्टीयरिंग – बारिश में सड़कों पर गड्ढे बढ़ जाते हैं। इसलिए बाइक के सस्पेंशन (शॉकर) से ऑयल लीक, अन्य पार्ट्स और हैंडल की जांच करना जरूर है।
नियमित धुलाई – कीचड़, गंदा पानी और सड़क की गंदगी से बाइक में जंग तेजी से लगती है। इसलिए बारिश के दिनों में गाड़ी को समय-समय पर धोएं और अच्छे से सुखाएं।
सही गियर चुनें – बाइक के साथ-साथ खुद को भी सुरक्षित रखें। बारिश में बाइक चलाने के लिए एक अच्छा रेन सूट, वाटरप्रूफ ग्लव्स, राइडिंग बूट्स और हेलमेट इस्तेमाल करें।
जलभराव से बचें – जहां तक संभव हो पानी से भरी सड़कों पर जाने से बचें, क्योंकि पानी के नीचे गहरे गड्ढे या कचरा छिपा हो सकता है। पानी की वजह से ब्रेक भी कम काम करते हैं।





