PM MODI NEWS: न्यूजीलैंड आना मेरे लिए सौभाग्य की बात’, मिनी इंडिया में भारतीयों से PM मोदी का संवाद, पढ़ें संबोधन की प्रमुख बातें
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Vishnu Aggrawal
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RAJESH KUMAR/DAILY INDIA TIMES

अपने न्यूजीलैंड दौरे के तहत पीएम मोदी ने आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया. पीएम मोदी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में कला और संस्कृति का एक बेहद अद्भुत और भव्य संगम देखने को मिला. इस विशेष कार्यक्रम में हाका और कथक की अनोखी जुगलबंदी देखने को भी मिली.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने न्यूजीलैंड दौरे के तहत आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया. पीएम मोदी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में कला और संस्कृति का एक बेहद अद्भुत और भव्य संगम देखने को मिला. इस विशेष कार्यक्रम में हाका और कथक की अनोखी जुगलबंदी देखने को भी मिली.

ऑकलैंड में एक कम्युनिटी इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ऑकलैंड से वेलिंगटन तक, क्राइस्टचर्च से क्वीन्सटाउन तक, न्यूज़ीलैंड के हर कोने में फैला भारतीय समुदाय इस साझा यात्रा का एक अहम हिस्सा है. मैं अपने दोस्त प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन, न्यूज़ीलैंड सरकार के सभी सहयोगियों और यहां मौजूद लेबर पार्टी के सदस्यों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं. यह भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए मौजूद जबरदस्त द्विदलीय समर्थन को दर्शाता है. साथ ही, यह कीवी-भारतीय समुदाय की उपलब्धियों और योगदान के महत्व को भी उजागर करता है.’

वाका, एक शब्द जो यहां के लोगों को जोड़ता है- PM मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भारत-न्यूजीलैंड के रिश्तों में यादें, दोस्ती, मूल्य और एक प्रतिबद्धता है. इन रिश्तों को न्यूजीलैंड की एक खूबसूरत परंपरा से अच्छी तरह समझा जा सकता है. सदियों से, एक शब्द यहां के लोगों को जोड़ता आ रहा है – ‘वाका’. ‘वाका’ सिर्फ एक डोंगी का नाम नहीं है, यह हमारी साझा यात्रा का प्रतीक है. आज, भारत-न्यूजीलैंड का ‘वाका’ एक नई यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है. हमारे सामने अपार अवसर हैं और हवा भी हमारे अनुकूल है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज, 40 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड आया है. यह मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है कि मैं आपके लिए 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं.’

न्यूजीलैंड से मुझे 30 साल पहले 3 चीजें तोहफे में मिली थी- PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरी पहली यात्रा हो सकती है, लेकिन 25-30 साल पहले, जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था और सार्वजनिक जीवन में मुझे कोई नहीं जानता था, तब मुझे न्यूजीलैंड आने का मौका मिला था. उस समय, किसी ने मुझे तीन चीजें तोहफे में दी थीं जिन्हें मैं भारत वापस ले गया था – यह मफलर, एक टोपी और दस्ताने. आज मैं उन चीजों में से एक चीज इस कार्यक्रम में साथ लाया हूं. आप जो मफलर देख रहे हैं, वह मुझे 25-30 साल पहले न्यूजीलैंड के एक व्यक्ति ने तोहफे में दिया था. इन सालों में मैंने कई बार इसका इस्तेमाल किया है और आज भी मैं इसका वैसे ही ध्यान रखता हूं, जैसे मैं मेरे लिए आपके प्यार का ध्यान रखता हूं.’

न्यूजीलैंड में भारतीय शहरों को भी सम्मान दिया गया- PM मोदी

वाका, एक शब्द जो यहां के लोगों को जोड़ता है- PM मोदीपीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भारत-न्यूजीलैंड के रिश्तों में यादें, दोस्ती, मूल्य और एक प्रतिबद्धता है. इन रिश्तों को न्यूजीलैंड की एक खूबसूरत परंपरा से अच्छी तरह समझा जा सकता है. सदियों से, एक शब्द यहां के लोगों को जोड़ता आ रहा है – ‘वाका’. ‘वाका’ सिर्फ एक डोंगी का नाम नहीं है, यह हमारी साझा यात्रा का प्रतीक है. आज, भारत-न्यूजीलैंड का ‘वाका’ एक नई यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है. हमारे सामने अपार अवसर हैं और हवा भी हमारे अनुकूल है.’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज, 40 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड आया है. यह मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है कि मैं आपके लिए 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं.’—विज्ञापन—न्यूजीलैंड से मुझे 30 साल पहले 3 चीजें तोहफे में मिली थी- PM मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरी पहली यात्रा हो सकती है, लेकिन 25-30 साल पहले, जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था और सार्वजनिक जीवन में मुझे कोई नहीं जानता था, तब मुझे न्यूजीलैंड आने का मौका मिला था. उस समय, किसी ने मुझे तीन चीजें तोहफे में दी थीं जिन्हें मैं भारत वापस ले गया था – यह मफलर, एक टोपी और दस्ताने. आज मैं उन चीजों में से एक चीज इस कार्यक्रम में साथ लाया हूं. आप जो मफलर देख रहे हैं, वह मुझे 25-30 साल पहले न्यूजीलैंड के एक व्यक्ति ने तोहफे में दिया था. इन सालों में मैंने कई बार इसका इस्तेमाल किया है और आज भी मैं इसका वैसे ही ध्यान रखता हूं, जैसे मैं मेरे लिए आपके प्यार का ध्यान रखता हूं.’न्यूजीलैंड में भारतीय शहरों को भी सम्मान दिया गया- PM मोदीPM मोदी ने कहा, ‘न्यूजीलैंड एक ऐसी जगह है जहां निखिल रविशंकर ‘एयर न्यूजीलैंड’ के CEO बन सकते हैं और आनंद सत्यानंद गवर्नर-जनरल बन सकते हैं. जहां रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी और एजाज पटेल जैसे टैलेंटेड खिलाड़ियों को क्रिकेट टीम में मौका मिल सकता है. न्यूजीलैंड एक ऐसी जगह है जहां सड़कों के नामकरण में भी भारतीय शहरों को सम्मान दिया गया है. यहां खंडाला है – फिल्मों वाला नहीं – और बॉम्बे हिल्स, कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट, अमृतसर स्ट्रीट जैसे नाम वाली जगहें हैं; ऐसे बहुत से नाम हैं…”वाका, एक शब्द जो यहां के लोगों को जोड़ता है- PM मोदीपीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भारत-न्यूजीलैंड के रिश्तों में यादें, दोस्ती, मूल्य और एक प्रतिबद्धता है. इन रिश्तों को न्यूजीलैंड की एक खूबसूरत परंपरा से अच्छी तरह समझा जा सकता है. सदियों से, एक शब्द यहां के लोगों को जोड़ता आ रहा है – ‘वाका’. ‘वाका’ सिर्फ एक डोंगी का नाम नहीं है, यह हमारी साझा यात्रा का प्रतीक है. आज, भारत-न्यूजीलैंड का ‘वाका’ एक नई यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है. हमारे सामने अपार अवसर हैं और हवा भी हमारे अनुकूल है.’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज, 40 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड आया है. यह मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है कि मैं आपके लिए 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं.’—विज्ञापन—न्यूजीलैंड से मुझे 30 साल पहले 3 चीजें तोहफे में मिली थी- PM मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरी पहली यात्रा हो सकती है, लेकिन 25-30 साल पहले, जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था और सार्वजनिक जीवन में मुझे कोई नहीं जानता था, तब मुझे न्यूजीलैंड आने का मौका मिला था. उस समय, किसी ने मुझे तीन चीजें तोहफे में दी थीं जिन्हें मैं भारत वापस ले गया था – यह मफलर, एक टोपी और दस्ताने. आज मैं उन चीजों में से एक चीज इस कार्यक्रम में साथ लाया हूं. आप जो मफलर देख रहे हैं, वह मुझे 25-30 साल पहले न्यूजीलैंड के एक व्यक्ति ने तोहफे में दिया था. इन सालों में मैंने कई बार इसका इस्तेमाल किया है और आज भी मैं इसका वैसे ही ध्यान रखता हूं, जैसे मैं मेरे लिए आपके प्यार का ध्यान रखता हूं.’न्यूजीलैंड में भारतीय शहरों को भी सम्मान दिया गया- PM मोदीPM मोदी ने कहा, ‘न्यूजीलैंड एक ऐसी जगह है जहां निखिल रविशंकर ‘एयर न्यूजीलैंड’ के CEO बन सकते हैं और आनंद सत्यानंद गवर्नर-जनरल बन सकते हैं. जहां रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी और एजाज पटेल जैसे टैलेंटेड खिलाड़ियों को क्रिकेट टीम में मौका मिल सकता है. न्यूजीलैंड एक ऐसी जगह है जहां सड़कों के नामकरण में भी भारतीय शहरों को सम्मान दिया गया है. यहां खंडाला है – फिल्मों वाला नहीं – और बॉम्बे हिल्स, कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट, अमृतसर स्ट्रीट जैसे नाम वाली जगहें हैं; ऐसे बहुत से नाम हैं…”

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