
Arpita Sharma/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM
Kill Switch For Smartphone:ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियों ने ऐसी टेक्नोलॉजी पेश की है, जिसकी मदद से चोरी हुए फोन को दूर से ही रिमोटली पूरी तरह से ब्लॉक या डेड किया जा सकेगा। इससे चोरों को फोन चुराने से कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि वे फोन किसी काम का नहीं रहेगा।

How Smartphone Kill Switch Works: कैसा हो अगर चोरों के लिए आपका चोरी का फोन एक क्लिक में किसी काम का ना रहे? दरअसल स्मार्टफोन चोरी के मामलों से निपटने के लिए ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियां वर्जिन मीडिया O2 और वोडाफोन-थ्री ने एक कमाल की टेक्नोलॉजी पेश की है। इसे किल स्विच नाम दिया गया है। इसकी मदद से सिर्फ एक क्लिक में चोरी हुए स्मार्टफोन को बेकार या अनुपयोगी बनाया जा सकता है।
ऐसे में फोन चुराए जाने के बाद वह चोरों के लिए महज एक डिब्बा बनकर रह जाएगा, जिसे कोई भी खरीदना नहीं चाहेगा। इससे चोरी हुए फोन की रीसेल वैल्यू पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। दोनो कंपनियों को उम्मीद है कि इससे स्मार्टफोन चोरी की वारदातों में कमी आएगी क्योंकि चोरों को पता होगा कि फोन चोरी करके बदले में कुछ भी मिलेगा नहीं। फिलहाल इस तकनीक को रिटेल स्टोर्स पर मौजूद नए फोन्स को सुरक्षित रखने के लिए लाया गया है।
क्या है किल स्विच टेक्नोलॉजी?
किल स्विच एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो दूर से ही फोन को रिमोटली हमेशा के लिए डेड कर सकती है।
1.रिपोर्ट्स के अनुसार यह टेक्नोलॉजी उन स्मार्टफोन्स पर मिलेगी,ज जो अभी तक लोगों को बेचे नहीं गए हैं।
2.अगर इन स्मार्टफोन्स को कोई चुराता है, तो फोन के ऑन होने पर सिस्टम उसे तुरंत पहचान लेता है।
3.इसके बाद उस हैंडसेट की जानकारी निर्माता के डेटाबेस में दर्ज हो जाती है और एक रिमोट कमांड के जरिए उस फोन को हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाता है।
4.दरअसल इस टेक्नोलॉजी का मकसद रिटेल स्टोर्स में होने वाली चोरी को रोकना है।
क्यों पेश की गई नई तकनीक
यह तकनीक स्मार्टफोन की चोरी और रिटेल आउटलेट्स में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए पेश की गई है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले लंदन में पिछले साल 70,000 से अधिक लोग फोन चोरी का शिकार हुए थे। पुलिस और इंडस्ट्री का मानना है कि चोरी के फोन की कीमत को शून्य कर देना ही अपराधियों के हौसले पस्त करने का सबसे असरदार तरीका है।
अगर अपराधियों को पहले से पता होगा कि चोरी किया गया फोन किसी काम का नहीं रहेगा, तो उनके बीच इसे चुराने और ब्लैक मार्केट में बेचने का लालच अपने आप खत्म हो जाएगा। यह तकनीक रिटेल स्टोर्स की सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। (REF.)
क्या किसी का भी फोन हो सकता है बंद
फिलहाल इस टेक्नोलॉजी को रिटेल स्टोर्स के लिए लाया जा रहा है। ऐसे में किल स्विच सिर्फ उन्हीं डिवाइस पर काम कर सकता है जो कानूनी रूप से रिटेलर या नेटवर्क प्रोवाइडर्स की संपत्ति हैं।
एक बार जब कोई स्मार्टफोन किसी ग्राहक को बेच दिया जाता है, तो टेलीकॉम कंपनियां उसे रिमोटली डिसेबल नहीं कर सकतीं, क्योंकि उसका मालिकाना हक खरीदार के पास चला जाता है।
दरअसल यह रोक लोगों के पर्सनल फोन्स को गलत तरीके से बंद होने से बचाने के लिए तय की गई है।हालांकि, ऐपल और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियों पर आम जनता के फोन के लिए भी ऐसी यूनिवर्सल तकनीक बनाने का दबाव बढ़ रहा है।





