जयपुर से आज की बड़ी खबर: जयपुर में जमीन खरीदना महंगा: 49% तक बढ़ेगी DLC रेट, रजिस्ट्री-स्टांप शुल्क और भूमि अधिग्रहण मुआवजे पर पड़ेगा सीधा असर.. DAILY INDIATIMES NEWSPAPER
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Vishnu Aggrawal
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VIJAY KUMAR/JOURNALIST/JAIPUR NEWS/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM

Jaipur News: जयपुर में जमीन और प्रॉपर्टी खरीदने वालों की जेब पर जल्द असर पड़ सकता है। जिला दर निर्धारण समिति की बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की DLC दरों में 49% तक बढ़ोतरी के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

Jaipur DLC Rates Hike 5% To 49%: राजस्थान की राजधानी जयपुर में जमीन खरीदना जल्द और महंगा होने वाला है। जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला दर निर्धारण समिति (डीएलसी) की बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की डीएलसी दरों में संशोधन के प्रस्तावों को सैद्धांतिक सहमति दे दी गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि शहर के किसी भी विधायक की गैर मौजूदगी में 5 से 49% तक डीएलसी दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रख दिया गया। अप्रेल में प्रदेशभर में 10% डीएलसी बढ़ोतरी के बाद यह दूसरा बड़ा संशोधन होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजार मूल्य के अनुरूप अधिकांश स्थानों पर 35% तक डीएलसी दरें बढ़ाने की सिफारिश की है। कुछ क्षेत्रों में डीएलसी दरों में कमी के प्रस्ताव भी समिति के समक्ष रखे गए। डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दर किसी भी संपत्ति का वह न्यूनतम सरकारी मूल्य होता है, जिसके आधार पर रजिस्ट्री की जाती है। किसी भी जमीन या भवन की रजिस्ट्री डीएलसी दर से कम मूल्य पर नहीं हो सकती। आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए सड़क की चौड़ाई और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग डीएलसी दरें निर्धारित की जाती हैं।

अप्रेल में भी बढ़ाई थी दरें

सरकार ने 1 अप्रेल 2026 से प्रदेशभर में डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की थी। इसके बाद मई में वित्त विभाग ने सभी जिला कलक्टरों को जून के तीसरे सप्ताह तक जिला दर निर्धारण समिति की बैठक आयोजित कर स्थानीय बाजार भाव के अनुसार डीएलसी दरों की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले वर्ष 2024 में भी अप्रेल में 10 प्रतिशत तथा दिसंबर में 5 से 15 प्रतिशत तक डीएलसी दरों में बढ़ोतरी की गई थी।

बैठक में ये निर्णय

50% से कम वृद्धि वाले क्षेत्रों में 7 दिन में लागू

50% से अधिक वाले मामलों और दर घटाने के मामलों में अंतिम निर्णय करेगी राज्य सरकार

संपत्ति की खरीद की कीमत बढ़ेगी

रजिस्ट्री पर लगने वाले स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क बढ़ेगा

सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण की स्थिति में दिए जाने वाले मुआवजे पर असर

विधायकों के तर्क

वरिष्ठ विधायक कालीचरण सराफ ने बैठक में शामिल नहीं होने के सवाल पर कहा कि ‘पहले भी प्रशासन ने अपनी मर्जी से डीएलसी दरें बढ़ा दी थीं। जनप्रतिनिधियों की राय को महत्व नहीं दिया जाता, इसलिए बैठक में जाने का कोई औचित्य नहीं समझा।’ कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं थी और वे पारिवारिक कार्य में व्यस्त थे। बड़ा सवाल है कि जनता पर भार डालने वाली इस बैठक में जिम्मेदारी से बचते हुए जनप्रतिनिधि क्यों अनुपस्थित रहे।

दरें बढ़ाने का आधार

जहां जमीन का मूल्य अधिक और डीएलसी अधिक हो।जहां हाइवे निकल रहे हों।जहां रजिस्ट्री कम हो वहां दर कम होती है।पिछले 4 सालों का वृद्धि ग्राफ

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